ssnewsघोटाले की उजागर होने के बाद भी, कार्यवाही नहीं होने पर ,घर में ही अनशन पर बैठे अधिकारी
स्वराज संदेश रायपुर ।महासमुंद जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग मे एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है । विभाग के अधिकारी ने विभागीय योजना मे हुई भ्रष्टाचार और घोटाले की जांच के बावजूद दोषी शासकीयकर्मी के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर आज से अपने ही घर मे अनशन पर बैठ कर सत्याग्रह शुरु कर दिया है ।
महिला बाल विकास विभाग मे पिछले दो वर्षो मे मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और रेडी टू ईट योजना मे 30 लाख रुपये की गड़बड़ी और घोटाले का उजागर जिला महिला बाल विकास अधिकारी ने की है । जिसकी शिकायत इन्होंने उच्च अधिकारियो से की ,पर कोई कार्यवाही नही है । जिससे क्षुब्ध होकर जिला महिला बाल विकास अधिकारी ने कलेक्टर से अनशन पर बैठने के लिए अनुमति एवं स्थान की मांग की । अनुमति न मिलने पर जिला महिला बाल विकास अधिकारी सुधाकर बोंदले आज से अपने घर के आगे बने पोर्च मे ही अनशन पर बैठ गये । सुधाकर बोंदले ने मीडीया को बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मार्च 2020 एवं 2021 मे उपहार सामग्री क्रय हुई । जिसकी कीमत 12 हजार रुपए बताई गई है। जबकि बाजार में उक्त सामग्री की कीमत लगभग 7 हजार रुपए है। जिसका मूल्याकंन उन्होने स्वयं जांच के दौरान किया । दोनो वर्षो मे 10-10 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। इसी प्रकार महासमुंद ब्लाक के 15 सेक्टरों में वितरित रेडी टू ईट में 11 में गुणवत्ता विहिन रेडी टू ईट पाये गये है । रेडी टू ईट में जिस तरह की सामग्री की गुणवत्ता होनी चाहिए है वह नहीं है। सोया, चना की जगह गेहूं की मात्रा अधिक है। हितग्राहियों से गुणवत्ता वाले और गुणवत्ता विहिन सामग्री की स्वाद चखाकर परीक्षण किया गया है । रेडी टू ईट में लगभग 10 लाख रुपए की गड़बड़ी सामने आई है । जिसकी जांच के बाद प्रतिवेदन उच्च अधिकारियो को प्रेषित किया गया ,पर कोई कार्यवाही नही हुई ।
गौरतलब है कि जिला महिला बाल विकास अधिकारी आज अवकाश है इसलिए पूरे दिन और कार्यालयीन दिनों में वे कार्य सम्पन्न करने से पूर्व सुबह 8 से 10 व शाम को 5 से 8 बजे तक प्रतिदिन घर पर ही अनशन पर रहेगे । बहरहाल इस पूरे मामले मे कोई कार्यवाही होती है या फिर अनशन पर बैठे अधिकारी पर ही कोई कार्यवाही होती है ये आने वाला समय बतायेगा ।
Previous article
Next article

Leave Comments
Post a Comment