ssnews मातृ स्वास्थ सेवाओं की मंशा के विपरीत कार्य करने पर जारी हुआ नर्सों को नोटिस ,,,

"हाई रिस्क सिर्फ 8, फिर 27 रेफरल क्यों?" मस्तूरी अस्पताल की स्टाफ नर्सें कटघरे में, BMO ने थमाया नोटिस


 मस्तूरी बीएमओ ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब।

 आखिर क्यों डिलवरी करवाने आने वाली महिलाओं को  जिला आस्पताल रेफर किया गया, वही विशेष सूत्रों से जानकारी मिला कि  नर्से ने हर एक डिलवरी करवाने आने वाली महिला के परिवार जनों से राशि की मांग किया  जिसके बाद यह पूरा मामला उच्च अधिकारियों के पास गया जहां अधिकारी ने जमकर  डाट फटकार लगाया जिसके बाद से डिलवरी करवाना बंद कर दिया जिसका साक्षात सबूत है कि एक माह में सिर्फ 27डिलवरी करवाया गया वही 8 डिलवरी हाई रिक्स में करवाया गया। बाकी सबको जिला रेफर कर दिया है।

स्वराज संदेश मस्तूरी।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मस्तूरी में गर्भवती महिलाओं के रेफरल मामलों को लेकर स्टाफ नर्सों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। विभागीय जांच में खुलासा हुआ है कि जून 2026 के दौरान जिन 27 गर्भवती महिलाओं को उच्च संस्थानों के लिए रेफर किया गया, उनमें से केवल 8 महिलाएं ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी श्रेणी में थीं, जबकि शेष 19 महिलाओं को बिना स्पष्ट चिकित्सकीय कारण के रेफर कर दिया गया।मामले को गंभीरता से लेते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने स्टाफ नर्सों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि सामान्य गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक रूप से रेफर करना शासन की मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की मंशा के विपरीत है तथा इससे स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल होती है।जानकारी के अनुसार जून माह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मस्तूरी में 17 प्रसव संपन्न हुए, जबकि 27 गर्भवती महिलाओं को अन्य अस्पतालों के लिए रेफर किया गया। आंकड़ों में असामान्यता सामने आने पर विभागीय स्तर पर परीक्षण किया गया, जिसमें अधिकांश रेफरल मामलों में चिकित्सकीय आवश्यकता नहीं पाई गई।
खंड चिकित्सा अधिकारी अनिल कुमार ने नोटिस में पूछा है कि सामान्य गर्भवती महिलाओं को किस आधार पर उच्च संस्थानों के लिए भेजा गया। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया या भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति हुई तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।नोटिस जारी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। अब सभी की निगाहें स्टाफ नर्सों के जवाब और विभाग द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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