ssnews कोल डिप में अवैध गतिविधियों पर होगी कड़ी कार्रवाई,कलेक्टर - एसपी ने ली कोल डिपो संचालकों की बैठक,गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की सख्त चेतावनी,,,

*कोयला डिपो में गड़बड़ी पर सख्ती, अवैध गतिविधियों पर होगी कड़ी कार्रवाई*

*कलेक्टर - एसपी ने ली कोल डिपो संचालकों की बैठक*

 *गुणवत्ता से से समझौता नहीं करने की सख्त चेतावनी*
खनिज विभाग सही तरीके से कार्यवाही करें तो जयरामनगर स्थित कई कोल डिपो की कलाई खुल जाएगा पर अधिकारी गिफ्ट लेकर कर खुश है ।

स्वराज संदेश बिलासपुर,25 मई 2026/ जिले में संचालित कोयला डिपो में कोयले की गुणवत्ता, अवैध मिलावट और चोरी-तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के कोल डिपो संचालकों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
     कलेक्टर ने बैठक में कहा कि प्रदेश में 130 से अधिक स्पंज आयरन प्लांट संचालित हैं, जिन्हें एसईसीएल से कोयला प्राप्त होता है। ऐसे में कोयले की गुणवत्ता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस गुणवत्ता का कोयला एसईसीएल की खदानों से प्राप्त हो, उसी गुणवत्ता का कोयला उद्योगों तक पहुंचे। किसी भी प्रकार की मिलावट या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कोल डिपो संचालकों को यह भी निर्देशित किया कि उद्योगों को आपूर्ति किए जाने वाले कोयले का रिकॉर्ड पारदर्शी ढंग से रखा जाए तथा भंडारण और परिवहन की व्यवस्था नियमों के अनुरूप हो। प्रशासन ने साफ किया कि कोयले में मिलावट या अवैध भंडारण पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध खनिज अधिनियम सहित आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुछ डिपो में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले में निम्न गुणवत्ता का कोयला और शेल मिलाकर उद्योगों को सप्लाई किया जा रहा है। इससे उद्योगों के उत्पादन और गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कलेक्टर  ने कहा कि उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराना डिपो संचालकों की जिम्मेदारी है।
         वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बैठक में कहा कि जिले में कोयला डिपो से जुड़े अवैध कारोबार, चोरी और तस्करी की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी डिपो में सीसीटीवी कैमरे, वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग और आवक-जावक का पूरा रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखा जाए। डिपो में कार्यरत मैनेजर, मुंशी और कर्मचारियों की जानकारी भी प्रशासन और पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी डिपो में अवैध गतिविधि, कोयले की मिलावट या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संचालक के खिलाफ खनिज अधिनियम और आपराधिक प्रकरणों के तहत कार्रवाई की जाएगी। खनिज विभाग द्वारा समय-समय पर कोल डिपो की जांच भी की जाएगी।
             कोल डिपो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि सभी संचालक नियमों का पालन करेंगे और अवैध गतिविधियों की रोकथाम में पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करेंगे।बैठक में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोयला भंडारण स्थलों पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए तथा बारिश के दौरान कोयले का दूषित पानी सीधे नालों और जलस्रोतों में न जाने पाए, इसके लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। प्रशासन ने सभी कोयला भंडारण अनुज्ञप्तिधारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा भविष्य में कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, उप संचालक खनिज प्रशासन किशोर गोलघाटे, खनि अधिकारी, सहायक खनि अधिकारी, खनि निरीक्षक सहित कोल डिपो संचालक उपस्थित रहे।
Previous article
This Is The Newest Post
Next article

Leave Comments

Post a Comment

Ads Post 1

Ads Post 2

Ads Post 3

Ads Post 4

DEMOS BUY