ssnews यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा नागरिक समुदाय के साथ चेतना शियान कार्यक्रम के तहत दिया यातायात जागरूकता,,,


*🔹 यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा नागरिक समुदाय के साथ चेतना शियान कार्यक्रम के तहत दिया यातायात जागरूकता*
*🔹 कार्यक्रम के आयोजन में नागरिक समुदाय ने पर चलकर निभाई सहभागिता एवं सक्रियता*
*🔹 वरिष्ठ नागरिकों के द्वारा आने वाली पीढ़ी को बताई गयी रीति, रिवाज, मूल्य परंपरा, संस्कार एवं आदर्शों की महत्ता*
*🔹 वाहनों की अत्यधिक रफ्तार एवं नशे में वाहन चालन सड़क दुर्घटना के प्रमुख कारण बताई गई।* 
*🔹 मानव अधिकार, संयुक्त राष्ट्र संघ एवं संविधान द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को दिए गए अधिकार एवं उनके प्रति कर्तव्यों का किया गया विशेष उल्लेख*

         स्वराज संदेश बिलासपुर।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह के दिशा निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में नियमित रूप से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को समझाइस दिया जा रहा है वही सड़क व्यवस्था में नियमित रूप से सुधरात्मक एवं समाधान कारक प्रयास किये जा रहे है साथ ही यातायात पुलिस बिलासपुर के द्वारा जनहित, लोकहित एवं जनकल्याण के दिशा में लगातार कल्याणकारी कार्यों में प्रमुखता से अहम भूमिका निभाई जा रही है। 
            इसी कड़ी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह के दिशा निर्देश पर चलाए जा रहे चेतना अभियान के "चेतना शियान" कार्यक्रम लगातार जिले के सभी थाना क्षेत्र अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा एवं मानव अधिकार एवं संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा प्रदत अधिकारों के समुचित पालन किए जाने हेतु निर्देशित प्रमुख बिंदुओं के पालनहार लगातार जन जागरूकता प्रसारित की जा रही है।
           इस क्रम में आज हैप्पी स्ट्रीट बिलासपुर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन शहर के अति वरिष्ठ नागरिकों एवं बालक बालिकाओं के मध्य आयोजित की गई। जिसमें परंपरागत संस्कारों के पालन हेतु वरिष्ठों के द्वारा आगामी पीढ़ी को दिए जा रहे आचार, विचार, संस्कार एवं आदर्शों के पोषण हेतु विशेष व्याख्यान माला एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
           उक्त आयोजन के माध्यम से शहर के आम वरिष्ठ नागरिकों के द्वारा आने वाले पीढ़ी को भारतीय संस्कृति मूल्य, परंपराओं एवं आदर्शों के अनुकूल आचरण करते हुए देश के बेहतर नागरिक बनने की दिशा में विशेष उद्बोधन दिया गया। जिसमें वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवन पर्यंत प्राप्त किए गए अनुभवों के सार तत्वों को बालकों के मध्य साझा की गई एवं जिला व यातायात पुलिस बिलासपुर के द्वारा की जा रही जनहितैसी, लोक कल्याण एवं जनहित के कार्यों की विशेष प्रशंसा की तथा सदेव जिला पुलिस एवं यातायात के साथ मिलकर जनहित के सभी कार्यों में जन सहभागिता एवं भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु अपनी प्रतिबद्धता जाहिर किया।
            इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात राम गोपाल करियारे के द्वारा शहर में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान को न सिर्फ नैतिक उत्तरदायित्व बताया गया अपितु वरिष्ठ नागरिकों के लिए संविधान में प्रदत्त अधिकारों एवं संयुक्त राष्ट्र संघ व मानव अधिकार के द्वारा मानवीय गरिमा के अनुकूल उनको दिए जाने वाले व्यवहार को संवैधानिक प्रावधान के साथ जोड़ते हुए आज के युवा पीढ़ी को व बालक बालिकाओं को वरिष्ठ नागरिकों व बड़ों के प्रति आदर, सत्कार और सम्मान के भाव को विशेष कर्तव्यों के अनिवार्य तत्व बताया गया।
              इस दौरान आधुनिक समय में हो रहे अपराधों की विविधताओं पर प्रकाश डालते हुए यह भी बताया गया कि अपराधियों के लिए बालक- बालिका, महिला-पुरुष एवं वृद्ध सभी वर्ग टारगेट में होते हैं अतः वरिष्ठ नागरिकों को किसी भी स्थिति में अलगाव पूर्ण जीवन जीना ना पड़े इस बात का समुचित ख्याल सभी युवा वर्ग एवं गृहस्थ जनो को रखना चाहिए ताकि अलगाव पूर्ण जीवन के दौरान किसी प्रकार की उन्हें अपराधिक घटनाओं का सामना न करना पड़े व बुढ़ापे के समय किसी प्रकार के अभाव का जीवन जीने को विवश न हो।
             इस दौरान शहर में सरल सुगम सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित आवागमन के सुचारू संचालन हेतु सदैव यातायात नियमों के पालन किए जाने के संबंध में उपस्थित सभी नन्हे बच्चों एवं युवा वर्गों तथा उपस्थित आम नागरिकों को समझाइस दी गई तथा शहर में सड़कों पर किसी भी प्रकार की यातायात व्यवधान नहीं किए जाने व आम नागरिकों में ट्रैफिक सेंस एवं यातायात अनुशासन का विकास किस तरीके से बेहतर से बेहतर किया जाए इस हेतु यातायात पुलिस बिलासपुर के संवाहक बनकर जन-जन में यातायात के प्रावधानों का बेहतर प्रचार प्रसार किये जाने हेतु उपस्थित जनों से अपील किया गया।
            इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ ओम मखीजा के द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में आहत व्यक्तियों की वास्तविक मनोदशा के संबंध में विशेष जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्तमान में सड़क दुर्घटना मुख्य रूप से अत्यधिक तेज गति से वाहन चालन एवं नशे का उपयोग कर वाहन चालन के कारण सड़क दुर्घटना मैं लोगों की जान जाती हैं क्योंकि अत्यधिक तेज गति से वाहन चालन के दौरान मस्तिष्क तात्कालिक रूप से वाहन में ब्रेक लगाने या निर्णय लेने की क्षमता शून्य हो जाती है और वाहन पर नियंत्रण करना मुश्किल होता है वही नशे के हालात में वाहन चालन से व्यक्ति समय काल परिस्थिति के अनुरूप निर्णय लेने में अक्षम हो जाता है जिसके परिणाम स्वरूप दुर्घटना घटित होती है।
           इस दौरान शिक्षाविद  राव के द्वारा बताया गया कि यातायात संबंधी विषयों को अब स्कूल के पाठ्यक्रमों में शामिल करने का समय आ गया है क्योंकि शहरों में प्रत्येक वर्ष वाहनों की तादाद 10 गुना से भी ज्यादा बढ़ रही है और शहरों का विस्तारीकरण लगातार अलग-अलग कालोनियों के विकास के रूप में हो रहा है जिससे लोगों का गांव से शहर की ओर पलायन निरंतर जारी है और बसाहटों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है।
              इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों की विशेष उपस्थिति में मुख्य वक्ता के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, विशिष्ट अतिथि डॉ ओम माखीजा, प्रशांत राय सहायक संभागीय शिक्षा विभाग बिलासपुर एवं कार्यक्रम को विशेष रूप से आयोजित करने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले से.नि. उप निरीक्षक उमाशंकर पांडेय, जीव धरणी समिति के अध्यक्ष विकास वर्मा एवं आर्यन फ़िल्म के डायरेक्टर आर्यन तिवारी, हरियाली सेवा फाउंडेशन के सदस्य, आँचल पांडेय, अपूर्वा तिवारी आधार शिला स्कूल, एन एस एस एवं ड्रीम लैंड स्कूल एवं अन्य विभिन्न संस्थानों से अधिकाधिक संख्या में बच्चे एवं पालकगण उपस्थित थे।
Previous article
Next article

Leave Comments

Post a Comment

Ads Post 1

Ads Post 2

Ads Post 3

Ads Post 4

DEMOS BUY