ssnews ,पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग का दो दिवसीय कार्यक्रम हुआ मस्तूरी माडल में संपन्न ,,
*मस्तूरी विधानसभा में भाजपा का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग संपन्न, पं. दीनदयाल उपाध्याय के सात कालखंडों पर मिला मार्गदर्शन यह आयोजन ग्राम कर्रा स्थित डॉ कृष्णा मूर्ति बांधी के प्लाट में हुआ ।*
प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम की शुरुवात पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भारत माता की छायाचित्र में पूजा अर्चना ओर झंडा गीत गाकर कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग में संतोष मिश्रा ,बी पी सिंह ,रवि बारगाह,विजय अंचल,अजय सोनवानी,दिलेंद्र कोशिल, चन्द्र प्रकाश सूर्या, राजेश्वर भार्गव समेत कई वक्ताओं ने पार्टी के इतिहास को व्यक्त किया सभी वक्ताओं को संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों के द्वारा भगवान श्री राम जी की छायाचित्र भेंट किया गया वही अलग अलग काल खंड में इन लोगों के द्वारा प्रशिक्षण वर्ग में अध्यक्षता धरम भार्गव,विनोद सिंह,सहित कई वरिष्ठों ने किया।
प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम में युवा मोर्चा अध्यक्ष सुनील साहू, दुर्गेश देवगान,मनीष ठाकुर , सुभाष टंडन,अजा मोर्चा अध्यक्ष विजय सुमन,लोकेश आदित्य,दिलहरन दिनकर,रमेश लहरें, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष बसंत शुक्ला,मित्रेश सुमन,
आदि सभी मोर्चा के अध्यक्ष और सदस्य गढ़ रहे भारी संख्या में उपस्थित।
प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम मस्तूरी माडल अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी, महामंत्री अजय सिंह, लोकेश्वर पटेल सहित मॉडल के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों नेतृत्व में संपन्न हुआ ।
स्वराज संदेश मस्तूरी। मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग – 2026 का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, विचारों, संघर्षों एवं संगठन निर्माण में उनके योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण वर्ग में विशेष रूप से पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन के सात कालखंडों को बिंदुवार समझाया गया, जो इस प्रकार हैं—
पं. दीनदयाल उपाध्याय के सात कालखंड:
*बाल्यकाल एवं शिक्षा काल* – कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त करते हुए उत्कृष्ट छात्र के रूप में पहचान बनाई।
*पूर्णकालिक प्रचारक जीवन* – अपना संपूर्ण जीवन संगठन और समाज सेवा को समर्पित किया।
*संगठन निर्माण काल* – जनसंघ के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*विचार निर्माण काल* – “एकात्म मानववाद” जैसे मौलिक विचारों का प्रतिपादन किया।
*संघर्ष एवं प्रेरणा काल* – अपने जीवन संघर्षों और आदर्शों से कार्यकर्ताओं को निरंतर प्रेरित किया।
प्रशिक्षण वर्ग में वक्ताओं ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन सादगी, समर्पण और राष्ट्रहित की भावना से परिपूर्ण था। उनके विचार आज भी कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शक हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से उनके सिद्धांतों को अपनाकर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। दो दिवसीय इस प्रशिक्षण वर्ग में अनुशासन, संगठनात्मक कौशल एवं विचारधारा को लेकर गहन चर्चा की गई, जिससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार उक्त प्रशिक्षण वर्ग में सभी मोर्चा के प्राधिकारीगढ़ समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थिति रहे।
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