ssnews विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वाधान में संपूर्ण भारत में एक साथ वंदे मातरम के पूर्ण पदों का गायन का आयोजन किया गया,,,,
#विजय सुमन#
स्वराज संदेश मस्तूरी।सरस्वती शिशु मंदिर मस्तूरी विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वाधान में संपूर्ण भारत में ठीक 11:00 बजे एक साथ वंदे मातरम के पूर्ण पदों का गायन का आयोजन किया गया जिसमें अपने सरस्वती शिशु मंदिर मस्तूरी की भी भूमिका रही l
इस कार्यक्रम के लिए संस्थान के दिशा निर्देश अनुसार सभी भैया बहन
मुख्य अतिथि मुख्य वक्ता सहित समिति सदस्य पूर्व छात्र अभिभावक व अन्य अभ्यागत माता और बहनो साहित अन्यान्य गणमान्य नागरिक 10:30 बजे से सभागार में उपस्थित रहे l
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि तहसील मस्तूरी के तहसीलदार लखेश्वर किरण मुख्य वक्ता के रूप में बिलासपुर के प्रथम एवं आराध्या हॉस्पिटल के डायरेक्टर एवं प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ रजनीश पाण्डेय उपस्थित रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता सरस्वती बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राघवेंद्र चंदेल (कृषि रत्न ) ने किया l
मंचस्थ अतिथि त्रय के अतिरिक्त मंच पर सरस्वती बाल कल्याण समिति के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सोनी संस्थापक सदस्य बैसाखू प्रसाद सोनी सचिव दिनेश सराफ सहसचिव सरोज राठौर सदस्य भागीरथी सिंह अंशुमान चंदेल लाल सिंह चंदेल श्रीमती पूर्णिमा साहू श्रीमती मंगला गौरी सोनी उपस्थित रहे l
गण मान्य विशिष्ट अभ्यागतों में राष्ट्र सेविका समिति की सदस्य श्रीमती राधिका गुप्ता श्रीमती उर्मिला सराफ आदि तथा लायंस क्लब के अध्यक्ष श्री बसंत गुप्ता लक्ष्मी पेंट्स के संचालक लक्ष्मी सोनी आदि की उपस्थिति रही l
वंदे मातरम कार्यक्रम की प्रस्तावना विद्यालय के प्राचार्य ने रखी l इसके पश्चात अतिथि गणों द्वारा भारत मां के समक्ष दीप प्रज्वलन करके कार्यक्रम का श्री गणेश किया गया इसके तुरंत पश्चात 10:59 57 सेकंड पर वंदे मातरम गायन का निर्देश हुआ फिर सभागार में उपस्थित मुख्य अतिथि मुख्य वक्ता सहित सभी भैया बहन और अभ्यगतों ने समवेत स्वर में वंदे मातरम का संपूर्ण गायन निर्धारित समय अवधि में लगभग 3:15 मिनट में संपन्न किया l
कार्यक्रम की श्रृंखला में मुख्य वक्ता डॉ रजनीश पाण्डेय ने वंदे मातरम के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया की किस प्रकार भारत के स्वतंत्रता के पूर्व से लेकर अब तक वंदे मातरम के लिए हम संघर्षशील रहे जिसके परिणाम स्वरूप संविधान प्रदत्त अधिकारों में इस 150 वीं जयंती वर्ष पर वंदे मातरम के संपूर्ण पदों को गाने का हमें अधिकार प्राप्त हुआ विद्यार्थियों से उन्होंने यह भी अपील किया कि हम सच्चे विद्यार्थी के रूप में तभी फलीभूत हो सकते हैं जब हमारा भाव राष्ट्रभक्ति से ओत प्रोत हो भले ही हम जीवन के किसी भी क्षेत्र में क्यों न कार्य करें l
इसी कड़ी में समिति के संस्थापक सदस्य बैसाखू प्रसाद सोनी ने चंद्रशेखर आजाद के जीवन वृतांत से भैया बहनों को प्रेरणा लेने का आग्रह किया l
मुख्य अतिथि लखेश्वर किरण ने भैया बहनों को वंदे मातरम की सुचिता के प्रति अपने कर्तव्य बोध को बनाए रखने का आग्रह करते हुए जीवन लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना पर जोर दिया l
अध्यक्षीय आशीष में चंदेल ने कहा कि भले ही देश में कितनी भी विचार धाराएं क्यों ना हो लेकिन अपनी भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में सर्वमान्य था.. है ..और रहेगा l
स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व मुगल आक्रांताओं या अंग्रेजों के द्वारा पूरे संस्कृति और शिक्षा प्रणाली को छिन्न-भिन्न और नष्ट करने का कितना भी प्रयास क्यों ना हुआ हो लेकिन हमारी अस्मिता और गौरव आज भी अक्षुण्ण रूप में विद्यमान है l
अंत में विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार पाण्डेय ने अतिथि गणों सहित सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए वंदे मातरम गायन की सार्थकता के लिए इसके गायन की निरंतरता को बनाए रखने का आग्रह किया ताकि आने वाली पीढ़ी इसमें निहित भावों को अंगीकार कर सके l
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय सभी आचार्य गणों और सेवा कर्मियों का प्रशसनीय योगदान रहा l कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की वरिष्ठ आचार्य श्रीमती सीमा राठौर ने किया l
कार्यक्रम का समापन परंपरा अनुसार "सर्वे भवंतु सुखिन:........."। मंत्र के साथ किया गया l
साभार कृष्ण कुमार यादव
पाली प्रमुख
सरस्वती शिशु मंदिर मस्तूरी
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